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सूर्योदय

Friday, August 29, 2008

हमारी आदतें

हमारी आदतें
हमें सताती हैं
कभी-कभी हमें
हँसाती हैं
कभी-कभी रुलाती हैं
हमारी आदतें
हमें बदलती हैं
पर स्वयं को
बदलने में
हज़ार नखरे
दिखाती हैं
हमारी आदतें
हमारी पहचान बनना
चाहती हैं
अवसर पाकर अपना
रूप दिखाती हैं
कभी हानि
तो कभी लाभ कराती हैं
हमारी आदतें
कभी-कभी हमें भाती हैं
न बदलने को
विवश हूँ मैं
क्योंकि
हमारी आदतें
हमारे अन्तर्मन को भाती हैं।

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